जाने परिंदा फिल्म के अनसुने किस्से जिसने बदल दी जैकी और नाना की

परिन्दा 1989 में बनी हिन्दी भाषा की अपराध  पर बनी है फिल्म है। इसको निर्मित और निर्देशित विधु विनोद चोपड़ा ने किया है। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में नाना पाटेकरजैकी श्रॉफअनिल कपूर और माधुरी दीक्षित हैं, जबकि सहायक भूमिकाओं में सुरेश ओबेरॉय और टॉम आल्टर है।

विधु को मुंबई में कभी फाकाकशी के दिन गुजारने पड़े हों या फिर कि वह इंडस्ट्री में बिल्कुल नए थे, ऐसा भी नहीं था। मशहूर निर्माता निर्देशक रामानंद सागर उनके बड़े भाई थे और उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में पैर जमाने में शुरू के दिनों में मदद भी काफी की। दोनों के पिता एक थे, लेकिन माएं अलग अलग। फिल्म हॉलीवुड मूवी ऑन द वॉटरफ्रंट से इंस्पायर होकर बनाई गई थी।

परिंदा’ की शूटिंग तीन साल में पूरी हुई थी क्योंकि लीड एक्टर्स की डेट्स नहीं मिल पा रही थीं जबकि फिल्म की शूटिंग में केवल 2 महीने लगने थे फिल्म का बजट केवल 12 लाख रु.  फिल्म को प्राकर्तिक सूरज की रौशनी में शूट किया गया ,लोकेशन, चिल्लाती हुई भीड़ सबकुछ रियल था।शोले के बाद परिंदा दूसरी फिल्म थी जिसके डायलॉग्स का कैसेट जारी हुआ।

उनके असिस्टेंट रहे संजय भंसाली भी संजय लीला भंसाली बने। संजय ने फिल्म ‘परिंदा’ के गानों की शूटिंग में विधु की बहुत मदद की। परिंदा का साउंडट्रैक आर डी बर्मन द्वारा रचित था और इसके बोल खुर्शीद हल्लौरी द्वारा लिखे गए थे। आरडी बर्मन का संगीत परिंदा के नाटक में गहराई जोड़ता है ।

नाना पाटेकर का फिल्म के लिए चुनाव उन्होंने दादर के एक नाट्यगृह में उनका नाटक ‘पुरुष’ देखने के  बाद किया था। वह यह भी कहते हैं कि तब नाना को फिल्मों में कोई नहीं जानता था, हालांकि रंगमंच में उनका बड़ा नाम हो चुका था।

अन्ना के किरदार की लाइनें अब तक याद हैं। ‘ना भाई ना बहन ना बेटा, धंधे के मामले में कोई किसी का भाई नहीं, कोई किसा का बेटा नहीं। करन को चुप रहना होगा या जाना होगा। उसको अपनी बोट पे ले जा, समझा, नहीं समझे तो गोली मार दे।’ फिल्म को कामयाबी दिलाने में नाना पाटेकर के किरदार का खासा योगदान रहा।इसी किरदार के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला।

जैकी श्रॉफ के किशन के रोल को भी बहुत पसंद किया गया इस रोल को अनिल ने  उनको सुझाया था वह तुरंत राजी हो गए बोले – भीड़ू में करेगा येह रोल , उनके किरदार को फिल्म के अंदर बहुत खूबसूरती से दिखाया गया इसी रोल के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का  फिल्मफेयर अवार्ड दिया गया ।

परिन्दा ने दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पांच फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीते तथा 1990 में अकादमी पुरस्कार में विदेशी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए उसे भारत की तरफ से आधिकरिक तौर पर भेजा गया था।

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